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कुंभ 2027 की तैयारियों के बीच अखाड़ों में गुटबाजी खुलकर आई सामने, 5 प्रमुख अखाड़ों ने बैठक का किया बहिष्कार

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

हरिद्वार: हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ 2027 की तैयारियों के बीच अखाड़ा परिषद की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। कुंभ की तैयारियों को लेकर शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक का जूना, निरंजनी, अग्नि, आह्वान और आनंद समेत पांच प्रमुख संन्यासी अखाड़ों ने बहिष्कार कर दिया। बैठक में केवल आठ अखाड़ों के प्रतिनिधि ही शामिल हुए, जिससे अखाड़ों के बीच बढ़ते मतभेद चर्चा का विषय बन गए।
बैठक में सिर्फ आठ अखाड़ों की रही मौजूदगी
मेला नियंत्रण भवन में आयोजित बैठक में महानिर्वाणी, निर्मोही, निर्वाणी, पंच दिगंबर, निर्मल, नया उदासीन, बड़ा उदासीन और अटल अखाड़े के संत शामिल हुए। हाल ही में इन्हीं आठ अखाड़ों ने कनखल में बैठक कर अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी का गठन किया था, जिसमें श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज को अध्यक्ष और श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज को महामंत्री चुना गया था।
वहीं, जूना, निरंजनी, अग्नि, आह्वान और आनंद अखाड़ों के प्रतिनिधि बैठक से दूर रहे। बैठक शुरू होने के कुछ समय बाद आह्वान अखाड़े के महामंत्री महंत सत्य गिरी महाराज भी एक फोन कॉल आने के बाद सभागार से बाहर निकल गए।

प्रशासन पर पक्षपात का आरोप

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बैठक का समय तय होने के बावजूद अधिकारियों का दूसरे गुट के भंडारे में जाना उचित नहीं था। उन्होंने नई अखाड़ा परिषद को अवैध बताते हुए दावा किया कि जूना और निरंजनी समेत उनके गुट को अधिकांश अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है।
हालांकि उन्होंने कुंभ मेले की तैयारियों में मेलाधिकारी सोनिका की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में दिव्य और भव्य कुंभ चाहते हैं।
बैठक में भूमि आवंटन समेत कई मुद्दों पर चर्चा

बैठक में शामिल महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने बताया कि कुंभ मेले की तैयारियों और बैरागी अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि साधु-संतों में कोई नाराजगी नहीं है और अगली बैठक में सभी अखाड़ों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

आह्वान अखाड़े ने बताई बहिष्कार की वजह

आह्वान अखाड़े के महामंत्री महंत सत्य गिरी महाराज ने कहा कि वर्तमान में कोई वैध अखाड़ा परिषद अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जूना और अग्नि अखाड़े के प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए तो उन्होंने भी बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया।

नई कार्यकारिणी को बताया वैध

निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि आठ अखाड़ों की सहमति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है और सभी आठ अखाड़ों के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हरिद्वार कुंभ 2027 का आयोजन भव्य और ऐतिहासिक होगा।

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