प्रदेश के पर्यटन एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर देशवासियों का अटूट विश्वास है और हालिया चुनावों में भारतीय जनता पार्टी तथा एनडीए गठबंधन की ऐतिहासिक जीत इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहली बार, पुडुचेरी में दूसरी बार तथा असम में लगातार तीसरी बार भाजपा-एनडीए गठबंधन की जीत देश में विकास और सुशासन की राजनीति के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाती है।
सतपाल महाराज ने कहा कि “कश्मीर से कन्याकुमारी और गंगोत्री से गंगासागर तक” आज देश में भाजपा का जनाधार मजबूत हुआ है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण मुक्त भारत की जीत बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा पार्टी नेतृत्व के “नए भारत-विकसित भारत” के संकल्प की सफलता है।
उन्होंने उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगा का उद्गम गंगोत्री स्थित गोमुख ग्लेशियर से होता है और वही गंगा पश्चिम बंगाल के गंगासागर में बंगाल की खाड़ी से मिलती है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रति बंगाल के लोगों की गहरी आस्था है और यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं में 30 से 35 प्रतिशत लोग अकेले बंगाल से आते हैं।
महाराज ने कहा कि बंगाली परिवारों में जीवन में एक बार चारधाम यात्रा करने की परंपरा रही है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश, हरिद्वार और जोशीमठ में बंगाली समाज द्वारा अनेक होटल और धर्मशालाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल और उत्तराखंड के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं। बंगाल के अधिकांश गांवों में शिव मंदिर स्थापित हैं तथा स्वामी विवेकानंद ने भी बद्रीनाथ क्षेत्र में तपस्या की थी।
उन्होंने कहा कि बेलूर मठ की शाखा जोशीमठ में भी संचालित है और हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र बंगाली संतों की तपस्थली रहा है। देवप्रयाग स्थित भागीरथी और अलकनंदा संगम को बंगाली श्रद्धालु “छोटा गंगासागर” के रूप में मान्यता देते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रास बिहारी बोस और श्री अरविंद जैसे बंगाली क्रांतिकारियों के उत्तराखंड से जुड़े योगदान का भी उल्लेख किया।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भाजपा की इस जीत को समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ताओं की जीत बताते हुए कहा कि पार्टी अब पश्चिम बंगाल को “सोनार बांग्ला” बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी।





