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शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के लिए महिलाओं से अधिक सहभागिता का आह्वान

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून।
सहस्त्रधारा रोड स्थित पेसिफिक गोल्फ स्टेट में विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित बैठक में संगठन विस्तार, महिला सशक्तिकरण और आगामी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत आचार पद्धति के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी रही और पूरे आयोजन में अनुशासन व संगठनात्मक ऊर्जा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत सह-संयोजिका प्रीति शुक्ला ने मातृशक्ति की भूमिका को केंद्र में रखते हुए कहा कि सशक्त महिला ही मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को संगठन के उद्देश्यों के प्रति सजग रहने, सामाजिक जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उनके संबोधन ने उपस्थित महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।

कार्यक्रम के दौरान जिला संयोजिका वंदना रावत ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए संगठन की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि मंच संचालन और आचार पद्धति का संचालन विनिता सिंह और गीता काला द्वारा किया गया। बैठक में आगामी 29 मई 2026 से अल्मोड़ा में प्रस्तावित शौर्य प्रशिक्षण वर्ग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें अधिक से अधिक महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि वे आत्मरक्षा, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल में दक्ष हो सकें।

बैठक का एक प्रमुख आकर्षण “पंच परिवर्तन” विषय पर हुई चर्चा रही, जिसमें व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक परिवेश तक सकारात्मक बदलाव लाने पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि छोटे-छोटे परिवर्तन ही बड़े सामाजिक बदलाव का आधार बनते हैं और इसमें मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक होती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया गया कि वे संगठन के कार्यों और विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सक्रिय योगदान दें। बैठक में पुष्पा नौटियाल, कमल ग्रोवर, दिया तिवारी, रजनी नैनवाल, गीतांजलि सिंह, रुचि सिंह, संगीता गुप्ता, रेखा डे, सुरेखा राणा, दीपिका भारद्वाज, वंदना वेज, पूनम रावत, मालिका शर्मा, गीता काला, विनिता सिंह और रितंभरा गुजर सहित अनेक स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।

बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि संगठित मातृशक्ति न केवल समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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