उत्तरकाशी।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सीमांत जनपद उत्तरकाशी के भ्रमण के दौरान प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हर्षिल बाजार का दौरा कर स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का संदेश दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने हर्षिल बाजार में स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की गई पारंपरिक पहाड़ी टोपी खरीदकर क्षेत्रीय संस्कृति और कुटीर उद्योगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने न केवल अपने लिए पारंपरिक टोपी खरीदी, बल्कि अपने साथ मौजूद अधिकारियों और सहयोगियों के लिए भी स्थानीय टोपियां खरीदकर सीमांत क्षेत्रों में निर्मित उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहल की। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हर्षिल जैसे सीमांत क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पाद देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका और स्वरोजगार से भी सीधे जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से यहां के कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान प्राप्त होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस सरल और प्रेरणादायक कदम की स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने उच्च पद पर आसीन अधिकारी द्वारा जमीनी स्तर पर स्थानीय संस्कृति और उत्पादों को इस प्रकार प्रोत्साहन देना सीमांत क्षेत्रों के कुटीर उद्योगों के लिए उत्साहवर्धक है।
इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एडीएम मुक्ता मिश्र तथा एसडीएम शालिनी नेगी भी मौजूद रहीं।


