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मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की।

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड कैंपा के अन्तर्गत शोध कार्यों पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा प्रदेश से सम्बन्धित विषयों और मुद्दों पर शोध किए जाने की आवश्यकता है जिससे प्रदेश और प्रदेशवासियों को लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए वनाग्नि एक बहुत बड़ी चुनौति है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि को किस प्रकार से काबू किया जा सकता है, इस पर शोध किया जाए। इसी प्रकार फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए शोध किए जा सकते हैं। जंगली सुअर, हाथी और बंदरों से होने वालें नुकसान को रोकने के लिए किस प्रकार से बायो फेंसिंग कारगर साबित हो सकती है, इन विषयों पर शोध हमारी उच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बायोफेंसिंग सेल गठित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी को इसका दायित्व दिया जाए।

मुख्य सचिव ने कार्यक्रम संचालन की वार्षिक योजना (एपीओ) को दिसंबर माह तक केंद्र सरकार को भिजवा दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए। समस्त कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कर लिया जाए।

बैठक के दौरान बताया गया कि कार्यक्रम संचालन की वार्षिक योजना (एपीओ) के लिए 411.88 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। बैठक में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति द्वारा संस्तुति प्रदान की गयी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, पीसीसीएफ (हॉफ) श्री अनूप मलिक, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

 

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