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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष व्यय की गई धनराशि के संबंध में विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि जो भी धनराशि विकास कार्यों हेतु उन्हें अवमुक्त कराई गई है उन कार्यों को तत्परता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुए धनराशि को शत-प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें। जिला योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन विभागों द्वारा जिला योजना के अंतर्गत निर्गत धनराशि पूर्णतः व्यय नहीं की गई है ऐसे सभी विभाग अवशेष धनराशि को 20 मार्च, 2023 तक शत-प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष व्यय की गई धनराशि के संबंध में विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि जो भी धनराशि विकास कार्यों हेतु उन्हें अवमुक्त कराई गई है उन कार्यों को तत्परता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुए धनराशि को शत-प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें।
जिला योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन विभागों द्वारा जिला योजना के अंतर्गत निर्गत धनराशि पूर्णतः व्यय नहीं की गई है ऐसे सभी विभाग अवशेष धनराशि को 20 मार्च, 2023 तक शत-प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही नहीं बरती जाए यदि धनराशि समय सीमा के अंतर्गत व्यय नहीं की जाती है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि विकास कार्यों में यदि किसी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन योजनाओं के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं उन योजनाओं के फोटोग्राफ्स जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत निर्गत धनराशि की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उक्त योजनाओं में अवशेष धनराशि को शीर्ष प्राथमिकता से व्यय करना सुनिश्चित करें एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम में जो विभाग बी श्रेणी में हैं वह ए श्रेणी में आने के लिए अपूर्ण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने अवगत कराया है कि जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं में अनुमोदित परिव्यय 46512.80 के सापेक्ष जिला स्तर से अवमुक्त की गई धनराशि 37417.98 के सापेक्ष 33330.11 लाख की धनराशि व्यय की गई है जिसका व्यय 89.08 प्रतिशत है। उन्होंने अवगत कराया कि जिला सेक्टर में अनुमोदित 4268.00 के सापेक्ष जिला स्तर से 4268.00 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है जिसके सापेक्ष 3568.77 की धनराशि व्यय की गई है जो 83.62 प्रतिशत व्यय किया गया है। राज्य सेक्टर में अनुमोदित परिव्यय 14101.93 लाख के सापेक्ष जिला स्तर से 10535.68 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है जिसमें 8014.61 धनराशि व्यय की गई है जिसका व्यय 76.07 प्रतिशत है। केंद्र पोषित योजना के अंतर्गत अनुमोदित परिव्यय 28142.88 लाख के सापेक्ष जिला स्तर से 22614.30 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है जिसके सापेक्ष 21746.74 लाख की धनराशि व्यय की गई है जिसका व्यय प्रतिशत 96.16 है।
बैठक से प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मार्तोलिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट, जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह चौधरी, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, अधिशासी अभियंता लोनिवि जीएस रावत, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र एचसी हटवाल सहित सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

 

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