उत्तरकाशी।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित प्रसिद्ध पर्वतारोही, पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षक गुलाब सिंह नेगी की “हिम दर्शन प्रदर्शनी एवं स्लाइड शो” पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों, चारधाम, दुर्लभ पर्वतीय चोटियों, प्राकृतिक सौंदर्य, लोक संस्कृति और साहसिक पर्यटन से जुड़े दुर्लभ छायाचित्रों एवं जानकारियों को प्रदर्शित किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह दिखाया।
कार्यक्रम में पुणे, अहमदाबाद, सूरत और बेंगलुरु से आए वीणा वर्ल्ड, हीना टूर एंड ट्रैवल तथा दिव्य देश टूर एंड ट्रैवल के 100 से अधिक पर्यटकों ने प्रतिभाग किया। पर्यटकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। स्लाइड शो के माध्यम से उन्हें राज्य के दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों, ट्रैकिंग मार्गों, लोक परंपराओं और पर्वतीय जीवन शैली से परिचित कराया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गुलाब सिंह नेगी पिछले लगभग 40 वर्षों से उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और हिमालयी विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा आयोजित हिम दर्शन प्रदर्शनी ने हजारों पर्यटकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से राज्य को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान मिली है तथा पर्वतीय पर्यटन के प्रचार-प्रसार को नई दिशा प्राप्त हुई है।
गुलाब सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की संस्कृति, लोक परंपराएं, हिमालयी जैव विविधता, साहसिक पर्यटन और ग्रामीण जीवन भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रखते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करने और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में पर्यटकों ने प्रदर्शनी और स्लाइड शो की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड को समझने का एक प्रभावी माध्यम बताया। विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित यह आयोजन राज्य की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।


