जनपद हरिद्वार में आईफेड(इण्टरनेशनल फण्ड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलेपमेंट) वित्त पोषित परियोजना- ग्रामीण उद्धम वेग वृद्धि परियोजना(रीप) का शुभारम्भ जनपद के समस्त विकासखण्डों में किया जा चुका है, जिसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की आजीविका चलाने वाले-किसान, मशरूम उत्पादन करता, स्वयं सहायता समूह आदि की आजीविका में अभिवृद्धि करने के उद्देश्य से रीप के प्रतिनिधि- कण्ट्री हैड सुश्री मीरा मिश्रा, श्री अरविन्द जाम, श्री वीरेन्द्र कुमार गर्ग, श्री महेन्द्र कुमार यादव, श्री विपन कण्डवाल तथा श्री विकास शर्मा ने बुधवार को जनपद हरिद्वार का भ्रमण किया।

बहादराबाद ग्रोथ सेण्टर के विकासात्मक भ्रमण के पश्चात रीप की टीम श्री राधे-कृष्ण बहुद्देशीय स्वागत सहकारिता, ग्राम सिकन्दरपुर, पो0 मंगलौर विकासखण्ड नारसन पहुंची, जहां डेयरी का व्यवसाय करने वाले समूह से उनके व्यवसाय के सम्बन्ध में कितने मवेशी हैं, कितना लीटर प्रतिदिन दूध आता है, कितनी महिलायें इससे जुड़ी हैं, विस्तृत जानकारी ली तथा उनकी डेयरी का शुभारम्भ भी किया एवं उनके उत्पादों को भी देखा, जिस पर समूह की महिलाओं ने बताया कि वे दूध का विक्रय करने के साथ ही पनीर, दही, घी, लेमन ग्रास तथा गुड़ आदि का भी व्यवसाय कर रहीं हैं। इस पर टीम के प्रतिनिधियों ने कहा कि आपके व्यवसाय का आकार जितना बड़ा होगा, उतना ही ज्यादा आप लोगों को फायदा होगा। समूह की महिलाओं ने गांव में गोबर गैस प्लाण्ट स्थापित करने में मदद करने का अनुरोध किया, जिस पर टीम के प्रतिनिधियों ने समूह को इस क्षेत्र में पूरी मदद करने का आश्वासन दिया तथा कहा कि आप लोगों ने जो सुझाव दिये हैं, उसी अनुसार आपके लिये योजनायें तैयार की जायेंगी।
ग्राम सिकन्दरपुर के भ्रमण के पश्चात रीप की टीम जय रविदास स्वयं सहायता समूह मकदूमपुर विकासखण्ड नारसन पहुंची, जहां टीम ने सब्जी उत्पादन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली, जिस पर स्वयं सहायता समूह ने बताया कि वे गोबी, बैगन, लौकी, करेला, खीरा आदि की खेती 30 से 40 बीघा में कर रहे हैं, जिससे इस समूह से 10 परिवार जुड़े हैं तथा इसका जो उत्पाद होता है, उसे हम गुड़गांव आदि मण्डियों में रेट के हिसाब से विक्रय के लिये ले जाते हैं। टीम के प्रतिनिधियों ने जय रविदास स्वयं सहायता समूह को सब्जियों के उत्पादन में और प्रवीणता लाने के उद्देश्य से ट्रेनिंग दिलाने तथा उत्पाद को इकट्टा करने के पश्चात ढुलान की सुविधा की दृष्टि से अप्रोच रोड पर एक शेड के निर्माण की बात कही।
रीप की टीम के प्रतिनिधि मकदूमपुर के बाद नारसन ब्लॉक पहुंचे, जहां सेयना बहुद्देशीय स्वायत्त सहकारिता ग्राम लिबरहेड़ी सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से उनके द्वारा किये जा रहे व्यवसाय के सम्बन्ध मंे जानकारी ली तो समूहों की महिलाओं ने बताया कि वे शेरपुर आदि में मत्स्य पालन, मुर्गी पालन तथा मशरूम की खेती करने के साथ ही हैण्डलूम के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। इस पर टीम के प्रतिनिधि श्री अरविन्द जाम ने सलाह दी कि जो भी हैण्डलूम का उत्पाद तैयार हो, उसमें गुणवत्ता व मार्केटिंग का विशेष ध्यान रखें।

रीप की टीम के प्रतिनिधि- कण्ट्री हैड सुश्री मीरा मिश्रा, श्री अरविन्द जाम, श्री वीरेन्द्र कुमार गर्ग, श्री महेन्द्र कुमार यादव, श्री विपन कण्डवाल तथा श्री विकास शर्मा आदि का भ्रमण के दौरान परम्परागत ढंग से भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया तथा स्मृतिस्वरूप प्रतीक चिह्न भी भेंट किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रतीक जैन, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी श्री वेद प्रकाश, डीपीएम रीप श्री संजय सक्सेना, सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलिनीत घिल्डियाल,मुख्य कृषि अधिकारी श्री विजय देवराड़ी, मुख्य उद्यान अधिकारी श्री ओम प्रकाश, महाप्रबन्धक उद्योग सुश्री पल्लवी गुप्ता, बीडीओ बहादराबाद, नारसन सहित सम्बन्धित पदाधिकारी/अधिकारी उपस्थित थे।
जनपद हरिद्वार में आईफेड(इण्टरनेशनल फण्ड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलेपमेंट) वित्त पोषित परियोजना- ग्रामीण उद्धम वेग वृद्धि परियोजना(रीप) का शुभारम्भ जनपद के समस्त विकासखण्डों में किया जा चुका है


