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देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता सुधारने के निर्देश, प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनेगी नई कार्ययोजना

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम (छब्।च्) की संचालन समिति की 7वीं बैठक संपन्न हुयी। मुख्य सचिव ने प्रदेश के 3 शहरों देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता की स्थिति जानकारी ली एवं सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने पीएम 10 और पीएम 2.5 को कम किए जाने के लिए सभी उपायों पर कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम 10 को कम करने के लिए शहरों की सड़कों की स्थिति को सुधारे जाने के साथ ही, धूल कणों को कम किए जाने वाले उपायों को शामिल किया जाए। उन्होंने सभी सड़कों का पक्कीकरण, फुटपाथों का निर्माण कार्य आदि पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। कहा कि डेमोलिशन वेस्ट के लिए प्रॉपर डिस्पोजल मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने सभी स्थानीय निकायों डेमोलिशन वेस्ट के लिए उचित निस्तारण स्थल चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसका उचित प्रचार प्रसार भी किया जाए ताकि भवनों को ध्वस्त किए जाने के बाद अपशिष्ट को कहां डिस्पोज किया जाना है, आमजन को पता होना चाहिए। उन्होंने सड़कों पर पड़ा कंस्ट्रक्शन मटीरियल हटाए जाने के लिए कड़े कदम उठाए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पीएम 2.5 को कम करने के लिए वाहनों एवं फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने वाले उपाय अपनाए किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए पीसीबी को मैनपावर बढ़ाए जाने की आवश्यकता है तो बढ़ायी जाए। जाममुक्त सड़कों के लिए चौक सुधारीकरण कार्य किए जाएं। उन्होंने पिछले वर्षों की तुलना में काशीपुर पीएम 2.5 में सुधार आने के कारणों का विश्लेषण कर अन्य शहरों में उसे लागू किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन शहरों के सुधार कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जाए।

मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम के अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छे प्रस्ताव तैयार किए जाए। उनकी प्राथमिकता निर्धारित करते हुए सभी प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किए जाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए लगातार विभिन्न भीड़भाड़ वाले स्थानों में डिस्प्ले बोर्ड में प्रदर्शन किया जाए। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी डिस्प्ले बोर्ड्स को एक्टिव किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं अपर सचिव डॉ. आनन्द श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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