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ओबीसी आयोग की जनसुनवाई में उठे भूमि, नियुक्ति और पेंशन के मामले

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

उत्तराखंड अन्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय में विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से संबंधित कुल 10 मामलों पर विस्तृत विचार-विमर्श करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

सुनवाई में अध्यक्ष श्री नेगी ने सबसे पहले सभी शिकायतकर्ताओं का पक्ष गंभीरता से सुना तथा विभागीय अधिकारियों से प्रकरणों की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। टिहरी गढ़वाल निवासी श्रीमती नन्दिनी गुसाईं के भूमि कब्जे संबंधी प्रकरण में पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि मामला सिविल प्रकृति का है। आयोग को अवगत कराया गया कि भूमि की स्थिति स्पष्ट होने तथा सक्षम मजिस्ट्रेट के आदेश प्राप्त होने के उपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।

देहरादून निवासी श्री सरोज कुमार के सामान वापस दिलाने संबंधी मामले में आयोग ने पुलिस विभाग को दोनों पक्षों को सुनकर 15 दिवस के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं हरिद्वार निवासी श्री सतीश कुमार के नियुक्ति एवं वेतन भुगतान संबंधी प्रकरण में आयोग ने उत्तराखंड वन विकास निगम को शिकायतकर्ता के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हरिद्वार निवासी श्री अहसान अंसारी द्वारा सरकारी राशन की दुकान खोले जाने संबंधी शिकायत पर आयोग ने खाद्य विभाग को सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आयोग सदस्य श्री सज्जाद अहमद को जिला पूर्ति अधिकारी से समन्वय स्थापित कर प्रकरण के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।

देहरादून निवासी श्री वासुदेव कुशवाहा के एसजीएचएस कटौती प्रकरण में आयोग ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सभी विभागों को योजना संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पुरानी पेंशन, नियुक्ति एवं धोखाधड़ी से जुड़े अन्य मामलों में भी आयोग ने संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिन मामलों में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन पाए गए, उन्हें आयोग द्वारा नियमानुसार निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

सुनवाई के दौरान कुल तीन शिकायती प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। सुनवाई में आयोग के मा० उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, सचिव गोरधन सिंह, मा० सदस्य महेन्द्र कुमार वर्मा, विनोद नाथ, सतीश पाल, राकेश उनियाल, मोहब्बत सिंह नेगी, सज्जाद अहमद, प्रहलाद चौधरी, डा० जैड०ए० अंसारी, उमेद चन्द्र रमोला, रूचि गिरी शर्मा, साधूराम तथा कार्मिक मोहित, माया, गोपाल, विजय लक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।

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