देवीधुरा।
मोरनौला में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लीसे की बड़ी खेप पकड़ी गई है। नियमित वाहन चेकिंग के दौरान रुकने के बजाय तेज गति से भागे एक कैंटर का पीछा कर वन एवं पुलिस कर्मियों ने उसे धर दबोचा। कैंटर से करीब 13 लाख रुपये मूल्य का लीसा बरामद किया गया है। मामले में चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार मोरनौला स्थित वन विभाग और पुलिस चौकी पर नियमित रूप से वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान कैंटर संख्या यूके 04-सीवी-1569 को जांच के लिए रुकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी गति बढ़ा दी और मौके से भागने का प्रयास किया। वन एवं पुलिस कर्मियों ने तत्काल कैंटर का पीछा किया। कुछ दूरी पर तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में फंस गया, जिससे उसका आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। घटना की जानकारी देवीधुरा के वन क्षेत्राधिकारी दीप जोशी को दी गई। पूछताछ के दौरान कैंटर में मौजूद व्यक्ति ने स्वयं को यात्री बताया, लेकिन उसकी जेब से चालक का ड्राइविंग लाइसेंस बरामद होने पर उसके दावों पर संदेह हुआ। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
नाली में फंसे कैंटर को बाहर निकालने के लिए क्रेन की सहायता लेनी पड़ी। कार्रवाई के दौरान अल्मोड़ा सिविल सोयम वन प्रभाग, लमगड़ा, जागेश्वर तथा उत्तरी गोला के वन अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची। घटनास्थल जागेश्वर रेंज क्षेत्र में होने के कारण बरामद लीसा, कैंटर और चालक को अग्रिम कार्रवाई के लिए जागेश्वर वन क्षेत्राधिकारी राजेश जोशी के सुपुर्द कर दिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी दीप जोशी ने बताया कि चालक लीसे के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। आवश्यक अभिलेख नहीं मिलने के कारण बरामद लीसे के अवैध परिवहन तथा चोरी का होने की आशंका जताई जा रही है। चालक की पहचान बलवंत सिंह के रूप में हुई है। मामले की विस्तृत जांच जागेश्वर रेंज द्वारा की जा रही है।
प्रभागीय वनाधिकारी धेनु पुरुषोत्तम ने कार्रवाई में शामिल वन विभाग एवं पुलिस कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा की तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।





