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डीएम के निर्देश पर हीट वेव से निपटने को DEOC 24×7 अलर्ट मोड पर, चिकित्सा एवं रेखीय विभागों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं संभावित लू (हीट वेव) की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने तथा मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून नगर सहित आसपास के मैदानी क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी रहने तथा जौलीग्रांट एवं डोईवाला क्षेत्रों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने की संभावना है। इसके दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, नगर निकाय, शिक्षा, श्रम एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता एवं राहत उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ORS, IV Fluids एवं चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। हीट स्ट्रोक एवं डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु विशेष चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन एवं प्रमुख चौराहों पर पेयजल, छायादार स्थल एवं वाटर टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अस्थायी शेड एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने तथा पेयजल व्यवस्था प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। जल संस्थान एवं पेयजल विभाग को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

निर्माण स्थलों, औद्योगिक इकाइयों एवं बाहरी कार्यस्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य अवधि को प्रातः एवं सायंकालीन समय तक सीमित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। श्रमिकों हेतु छाया, पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शिक्षा विभाग को मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप विद्यालय संचालन समय में आवश्यक परिवर्तन अथवा अवकाश के संबंध में निर्णय लेने हेतु निर्देशित किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल एवं प्राथमिक उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिकों के माध्यम से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों एवं गंभीर रोगियों की नियमित निगरानी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त जनसामान्य को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने हेतु सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, स्थानीय समाचार पत्र, मोबाइल मैसेज एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एडवाइजरी जारी की जाएगी।

पशुपालन विभाग को पशुओं हेतु पेयजल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को सफाई कर्मियों, होमगार्ड, पुलिसकर्मियों एवं फील्ड स्टाफ के लिए सुरक्षा उपाय एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पूर्ण तत्परता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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