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14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारम्भ

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून। उत्तराखण्ड के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) का भव्य शुभारम्भ किया जाएगा, जिसे राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल एक परियोजना का उद्घाटन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के विकास का नया युग आरम्भ करने वाला अवसर है। उन्होंने इसे राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए निर्देश दिए कि कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित और जनभागीदारी से परिपूर्ण बनाया जाए, ताकि यह आयोजन जन-उत्सव का रूप ले सके और हर नागरिक स्वयं को इसका हिस्सा महसूस करे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की रूपरेखा को आकर्षक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल की सजावट पारंपरिक और आधुनिक शैली के समन्वय से की जाए, जिससे उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी लोकनृत्य एवं लोकसंगीत को प्रमुखता देने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देशभर के लोगों को देखने को मिले। उन्होंने कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने और कार्यक्रम को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस ऐतिहासिक अवसर में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो में शामिल हों और पूरे प्रदेश में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्तराखण्ड की एकजुटता और उत्साह को प्रदर्शित करने का भी माध्यम बनेगा। साथ ही, कार्यक्रम से पहले राज्यभर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर प्रदेश को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाएं, ताकि यह आयोजन यादगार बन सके।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र में भी व्यापक परिवर्तन लाएगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं और कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसुविधाओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की हों, ताकि यह आयोजन प्रदेश की गरिमा के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का यह शुभारम्भ न केवल एक बड़ी आधारभूत परियोजना की शुरुआत है, बल्कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम भी माना जा रहा है।

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