(केएस असवाल गौचर चमोली)
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर चमोली में डीएलएड प्रथम सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं के लिए पांच दिवसीय प्रार्थना स्थलीय कार्यक्रम कार्यशाला का आयोजन डायट प्राचार्य श्री आकाश सारस्वत के निर्देशन में किया गया। जिसमें 34 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। प्राचार्य ने बताया कि प्रार्थना सभा की तमाम गतिविधियां प्रशिक्षुओं व विद्यालयी छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास, स्थिरता, आध्यात्मिक विकास तथा आत्म- अनुशासन के लिए बेहद अहम है।साथ ही प्रशिक्षुओं को स्वाध्याय करने व समयबद्ध रहने का भी संदेश दिया।
कार्यक्रम समन्वयक श्री योगेन्द्र सिंह बर्त्वाल ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं में समय प्रबंधन कौशल, जिम्मेदारी की भावना , प्रार्थना, समूह गान व अन्य गतिविधियों को बेहतर तरीके से करना है।

मुख्य संदर्भ दाता के रूप में हारमोनियम पर श्री मनोज हटवाल राइका बैरासकुंड, तबले पर श्री नंद किशोर मिश्रा राप्रावि हरनी तथा ड्रम सेट पर सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी श्री खुशाल सिंह रहे। कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को पांच हिन्दी, एक संस्कृत, दो गढवाली प्रार्थनायें, छः हिंदी, एक संस्कृत, दो गढवाली समूह गान तथा छः अन्य राष्ट्रीय भाषाओं के समूह गान सिखाये गये। सीखने के पश्चात सभी प्रशिक्षुओं ने अपनी प्रस्तुति प्राचार्य के सम्मुख दी । पृष्ठ पोषण के तौर पर प्रशिक्षु अंजलि बिष्ट, भावना पंत, पंकज व विपिन ने कार्यशाला को लाभप्रद बताया।
इस अवसर पर डायट के वरिष्ठ संकाय सदस्य श्री राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, श्री वीरेंद्र कठैत, श्री रवींद्र बर्त्वाल, डा गज पाल राम, श्री सुबोध डिमरी तथा कार्यक्रम सह समन्वयक नीतू सूद उपस्थित रहे।


