spot_img
spot_img

आदर्श संस्कृत ग्रामों को प्रमुख पर्यटन, तीर्थ स्थलों एवं पर्यटन गतिविधियों से जोड़े जाने पर दिया जोर

More articles

Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् के शासी निकाय की तीसरी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संस्थानम् द्वारा किये गये कार्यों, वार्षिक कार्ययोजना, बजट तथा संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार सम्बन्धी विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने संस्थानम् की गतिविधियों और संस्कृत स्पर्धाओं में प्रतिभागियों की संख्या निरंतर बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आदर्श संस्कृत ग्रामों को प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों एवं पर्यटन गतिविधियों से जोड़े जाने की बात कही। कहा कि इससे पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों को भी हमारी संस्कृत संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

मुख्य सचिव ने संस्कृत को जन-जन तक पहुँचाने के लिए मॉडर्न टूल्स के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थानम् की वेबसाइट पर इंटरैक्टिव ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएं, छोटी-छोटी सूचनात्मक रील्स बनाई जाएं तथा मोबाइल ऐप एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने संस्कृत की उपयोगिता को समझाने के लिए मंत्र चिकित्सा, वैदिक गणित, वेद अध्ययन केन्द्र तथा विभिन्न संगोष्ठियों जैसी गतिविधियों को और बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने संस्कृत सीखने के लिए सरल आदर्श संस्कृत ग्राम मॉडल और शिक्षक कौशल विकास मॉडल तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन समर कैंप को नियमित प्रोडक्ट के रूप में विकसित किया जाए। इसमें स्कूली बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम और कैंप आयोजित किए जा सकते हैं। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में संस्कृत का प्रसार बढ़ेगा तथा संस्थानम् की गतिविधियों को और सशक्त बनाया जा सकेगा।

इस अवसर पर सचिव संस्कृत शिक्षा श्री दीपक कुमार एवं अपर सचिव श्री नवनीत पांडेय सहित शासी निकाय के सदस्य एवं संस्थानम् के अधिकारी उपस्थित थे।

-Advertisement-

-Advertisement-

-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
Download Appspot_img