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कलेक्टेट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वां संस्करण का आयोजन किया गया।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com
कलेक्टेªट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वां संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये। 34 बालिकाओं की शिक्षा 9 लाख धनराशि से पुनर्जीवित की गई। अब तक लगभग 62 लाख से अधिक धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा देवियों के समान है हमने नंदा-सुनंदा देवियों को  नही देखा। बालिकारूपी इन देवियों की शिक्षा पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति करना है। उन्होंने  बालिकाओं से कहा की अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे छात्र जीवन के लिए इससे अधिक आईडल और कुछ नही है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि आप सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनें।
इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मा0 मुख्यमंत्री एवं जिलाप्रशासन का उनकी खराब आर्थिक स्थिति में बच्चों की शिक्षा पुनर्जीवित रखने के लिए आभार व्यक्त किया।  शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि स्कूल वालों ने फीस न भरने के कारण होनहार बालिकाओं को 15-15 दिन स्कूल नही आने दिया, परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी ऐसे में जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हुई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिला प्रशासन ने बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद की इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री जी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं खुशी कौर की माता ने कहा कि वह घरों  में काम कर बच्चों को शिक्षित कराने में समस्या हो रही थी जिस कारण बच्चों की पढाई छूट रही थी उन्होंने जिला प्रशासन का सहायता हेतु आभार व्यक्त किया। कु0 सृष्टि जिनके पिता कैंसर पीड़ित हैं की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पारिवारिक खराब आर्थिक स्थिति के कारण बधित हो रही थी जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से शिक्षा को पुनर्जीवित कर दिया है। खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे बिन पिता की बेटी अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा पुनर्जीवित, आकृति बडोनी  बी-कॉम की शिक्षा जिनके पिता की मृत्यु 2023 में हो गई थी। कु0 तनिका कक्षा 10वीं पिता की मृत्यु होने उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी। कु0 लावण्या पिता की मृत्यु उपरान्त 9वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु के उपरान्त दिव्या की 6वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरांत नंदनी की यूकेजी की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरान्त ईशिका कक्षा 3 की शिक्षा बाधित हो गई थी। इसी प्रकार कु0 शिवांगी जिनके माता निजी चिकित्सालय में सफाईकर्मी के  पद पर कार्यरत है की आर्थिक स्थिति खराब है बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। यूकेजी की शिक्षा ग्रहण कर रही मानवी की पारिवारिक आर्थिक स्थिति खराब है। इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित की गई।
इस अवसर पर  उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

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