जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपनी टीम के साथ आज कलैक्टेट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा सुनंदा’’ के अन्तर्गत 05 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित रखने हेतु 165800 रू0 मात्र के चैक वितरित किए गए है। प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से अब तक जिले में लगभग 14 लाख रू0 से 38 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है। असहाय बालिकाओं की विषम जीवन रूपी डगर में शिक्षा की शीतल छांव बना डीएम का प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’।
जिलाधिकारी ने कहा कि इतने कम समय में सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते महीने के भीतर सभी आवदेन प्रस्तुत कर पात्र बालिकाओं को चुनना तथा योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु अपनी कोर टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया। जिलाधिकारी ने कहा बालिकाएं अपनी पढाई की ज्वाला को कायम रखे प्रशासन उनकी शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने बालिकाओं से अपेक्षा करते हुए कहा कि वे पढाई में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें तथा अपने माता-पिता जिले एवं राज्य का नाम रोशन करें। जिलाधिकारी अपने विभिन्न सोर्स से धन का प्रबन्ध कर निर्धन असहाय बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर रहे हैं। इस प्राजेेक्ट से जहां निर्धन बालिकाओं को शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने तथा बेटियों के प्रति समाज का नजरिया बदलने का प्रयास है।

आज गौरांशी सिंघल कक्षा 12 न्यू इमेज इन्टरनेशनल ब्यूटी इंस्टीट्यूट, 35000 रू०, अनुष्का क्षेत्री कक्षा 11 केन्द्रीय विद्यालय को 7800, कु0 वैष्णवी कक्षा 12 शिवालिक इन्टरनेशनल स्कूल, 33000, कु0 तनु शर्मा कक्षा 12 उत्तरांचल यूनिवर्सिटी देहरादून, 60000, कु0 शताक्षी शर्मा कक्षा 11 इण्डियन अकेडमी नेहरूकालोनी, 30000 का चैक दिया गया है। आज 5 नंदा-सुनंदा देवीयों को कुल 165800 रू0 मात्र के चैक दिए गए। अब तक जिले में लगभग 14 लाख रू0 से 38 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।
असहाय बालिकाओं का भविष्य संवारता, जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’


