Saturday, May 25, 2024

मलिन बस्तियों के नियमतिकरण का प्रस्ताव फिर पास , शासन को भेजा गया

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून- नगर निगम देहरादून की बोर्ड बैठक में मलिन बस्तियों के नियमतिकरण के प्रस्ताव को फिर से पास कर शासन को भेजा गया है। उक्त प्रस्ताव ब्रह्मपुरी वार्ड के पार्षद सतीश कश्यप की ओर से लगाया गया ।
बोर्ड बैठक में पार्षद सतीश कश्यप द्वारा देहरादून की मलिन बस्तियों का मुद्दा उठाया। क्योंकि उनके द्वारा मलिन बस्तियों का प्रस्ताव नगर निगम में दिया हुआ था।उस पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में भी भाजपा सरकार बस्तियों को बचाने के लिए अध्यादेश लेकर आई थी।जिससे तीन साल पूरे होने वाले हैं। कहा कि नगर निगम की बोर्ड की बैठकों में मलिन बस्तियों के लोगों से वादा किया था कि नियमितीकरण किया जाएगा। इस बात पर ध्यान देते हुए कार्यवाही की जाए। राजपुर विधायक खजान दास ने पार्षद सतीश कश्यप के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह बहुत बड़ा विषय है। मलिन बस्तियों नियमितीकरण का अच्छा विषय कश्यप जी द्वारा रखा गया है। जिसके लिए हमारी सरकार ने पूर्व में भी बस्ती वासियों को राहत दी थी। इस बार भी बहुत जल्द इस विषय पर कार्रवाई होगी और इससे आगे बढ़कर बस्तियों को कैसे नियमित किया जाए उस पर भी सरकार काम कर रही है।

ब्रह्मपुरी के पार्षद सतीश कश्यप ने दूसरे प्रस्ताव में ब्रह्मपुरी में बने नगर निगम के 56 फ्लैट को लेकर विषय रखा। कहा उनकी पूरी प्रक्रिया हो चुकी है। फ्लैट का आवंटन हो चुका है। लॉटरी सिस्टम के माध्यम से यह किया गया था। इनका तुरंत कब्जा दिया जाए।  लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि नगर निगम ने सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी अभी तक कब्जा नहीं दिया है। इस पर भी मेयर ने सहमति दी। नगर निगम में कार्य कर रहे उपनल से आए हुए कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द कर उन्हें कंपनी के द्वारा तनख्वाह दी जा रही थी। जिसका विषय भी पार्षद सतीश कश्यप ने बोर्ड बैठक में उठाया और मांग की कि सरकार द्वारा भी शासनादेश हो गया है 25 लोगों में से काफी लोगों ने नौकरी छोड़ दी थी। कंपनी के माध्यम से जिनको तनख्वाह दी जा रही है। उन लोगों की नियुक्ति वापस उपनल के माध्यम से की जाए। इस विषय पर भी बोर्ड ने सहमति दी और तुरंत थी उस पर कार्रवाई करने के लिए सहमति दी ।

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