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स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में मीडिया की भूमिका अहम: डॉ. धन सिंह रावत

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

सूबे में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने लिये राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य व केन्द्र पोषित स्वास्थ्य योजनाओं का लोग अधिक से अधिक लाभ उठा सके, इसके लिये जनपद स्तर पर स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिसमें स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर मीडिया के साथ परिचर्चा भी शामिल है।

यह बात सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज हल्द्वानी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत होटल अमरदीप में आयोजित आई.ई.सी- मीडिया कार्यशाला एवं स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम में कही। डॉ रावत ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति का गठित किया जा रहा है जिसके अध्यक्ष विधायक, मेडिकल ऑफिसर इन चार्ज सचिव व 06 गैर सरकारी सदस्य शामिल होंगे। हर दो माह में विधायक को समिति की बैठक करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में सरकारी पर्चे का एक ही रेट किये जाने पर कार्य चल रहा है।

मरीजों के साथ चिकित्सकों,नर्स व वार्ड बॉय द्वारा सरलता व सहजता से व्यवहार किया जाए इसके लिए चिकित्सकों को एक सप्ताह , नर्सेज को 15 दिन व वार्ड बॉय को भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिए जाने की दिशा में सरकार प्रयासरत है।

सरकार द्वारा चिकित्सकों की कमी व चिकित्सक प्रदेश में लगातार सेवा देते रहे इस दिशा में भी कई कदम उठाए गए है। प्रदेश में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा व चिकित्सक राज्य में ही अपनी लगातार सेवा दे इसके लिए यूकोडपीपे व्यवस्था लागू की गई है जिसके तहत चिकित्सकों को उनकी मांग के आधार पर वेतन निर्धारित किया जाता है। इससे बार बार चिकित्सकों का सरकारी चिकित्सालय छोड़कर अन्यत्र जाने पर भी अंकुश लगेगा। प्रदेश के राजकीय कॉलेजों से एमबीबीएस व पीजी करने वालों चिकित्सको के लिए भी सरकार ने बांड राशि मे वृद्धि की है। एमबीबीएस चिकित्सक को 01 करोड़ व पीजी को 2.5 करोड़ की धनराशि सरकार को सेवा छोड़ने पर देनी होगी।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। विगत वर्षों में सरकार में स्वास्थ्य के क्षेत्र अनेक सुधार किये साथ ही कई स्वास्थ्यपरक योजनाओं का लाभ आम लोगों को पहुंचाया। उन्होंने कहा राज्य के प्रत्येक चिकित्सा इकाइयों में कई नि:शुल्क चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सरकारी चिकित्सालयों में 311 जांच निःशुल्क की गई है जिसका 28 लाख लोगों ने लाभ उठाया है। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश में अब डॉक्टरों की कमी नहीं होगी, प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को जहां 171 चिकित्सक मिल गये हैं वहीं प्रदेश की चिकित्सा इकाइयों में शीघ्र ही 372 एमबीबीएस डॉक्टर नियुक्त कर दिये जायेगे। इसके अलावा 850 एएनएम एवं 2800 नर्सों की नियमित नियुक्ति शीघ्र कर दी जायेगी। विभागीय मंत्री डॉ रावत ने कहा कि राजकीय मेडिकल कालेज, हल्द्वानी में जल्द कैथ लैब स्थापित की जायेगी जिससे हृदय संबंधी रोगों की जांच और उपचार मेडिकल कालेज में हो सकेगा।
कार्यशाला में मीडिया के साथ संवाद करते हुये डॉ. रावत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में मीडिया की अहम भूमिका है। जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आम जन तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम में हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर से आये पत्रकारों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के व्यापक सुधार के लिए 59 से अधिक सुझाव रखे, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों का आभार जताते हुए उनके द्वारा रखे सुझावों पर शीघ्र अमल करने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन डीपीएम मदन मेहरा ने किया।
कार्यक्रम में सीएमओ डॉ भागीरथी जोशी, प्राचार्य डॉ अरुण जोशी, डॉ उषा जंगपांगी,डॉ चंद्रा पन्त, डॉ अनुपमा ह्यांकी, एसीएमओ डॉ रश्मि पंत, डॉ तरुण टम्टा, डॉ अजय सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे ।

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