टिहरी: — उत्तराखंड में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब टिहरी में आज बारिश का रौद्र रूप देखने को मिला है। नरेंद्रनगर के पट्टी दोगी क्षेत्र में भारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश से खेत-खलिहान, मकान, पैदल मार्ग, पुल और पेयजल लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और कई मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जहां तक इस तबाही का कारण बारिश को बताया जा रहा है वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगा रही हैं।
ग्राम पंचायत मंज्याड़ी के अंतर्गत तिमली के टोलकी तोक में बारिश आफत बनकर बरसी । यहां बारिश ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है। 10 लोगों के मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं। ग्रामीणों ने इस तबाही का जिम्मेदार शासन की लापरवाही को बताया और कहना है कि पीएमजीएसवाई व लोक निर्माण विभाग ने ऊपरी क्षेत्र में बनाई जा रही सड़क के मलबे को डंप करने के लिए गांव के ठीक ऊपर बहुत बड़ा डंपिंग जोन बनाया था। डंपिंग जोन के मलबे को रोकने के लिए किसी तरह की प्रोटेक्शन दीवार नहीं बनाई, जिसका नजीता ये हुआ कि सारा मलबा गांव की ओर आ गया और सब कुछ तबाह कर दिया हैं। यदि शासन ने दीवार बनाई होती तो गांव में मलबा नहीं आता जिससे खेती तबाह होने से बच जाती।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने भी पीएमजीएसवाई व लोक निर्माण विभाग को तबाही का जिम्मेदार ठहराया हैं। साथ ही मामले में त्वरित कर्रवाई करने की मांग कर विभाग पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। इसके साथ ही पूर्व विधायक रावत ने पीड़ितों को सरकार से मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।




