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मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अमर उजाला द्वारा आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं तथा देश और प्रदेश का भविष्य उनकी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प पर निर्भर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर उजाला द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जो युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने में गुरुजनों एवं माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं और विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्य भी प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प की पूर्ति में शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परिक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 प्रतिशत विद्यार्थी हैं, जबकि 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12 प्रतिशत विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य में विद्यार्थियों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने स्कूली शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष 10 राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, अमर उजाला के संपादक श्री अनूप बाजपेयी मौजूद थे।

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