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विधानसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, हंगामे के बीच पास हुए 10 विधेयक

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का भराड़ीसैंण में आयोजित सत्र विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बुधवार को सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने दोपहर करीब 1:10 बजे सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कुल 10 विधेयकों को भी मंजूरी दी गई। खास बात यह रही कि विधानसभा का यह सत्र 11 घंटे भी नहीं चल पाया।

सत्र की अवधि कम होने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक काले झंडे लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए कागज फेंके। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर हंगामा

सदन में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध किया। विपक्ष ने नियम 310 के तहत मामले पर चर्चा कराने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान विधायकों ने ‘210 का झुमका कहां गिरा’ के नारे भी लगाए।

कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए वर्ष 2012 से 2017 तक के कांग्रेस शासनकाल का उल्लेख किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने सदन में महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष की ओर से काम रोको प्रस्ताव लाने की मंशा पर सवाल उठाए।

प्रश्नकाल में नहीं हो सके सवाल

विपक्ष के हंगामे का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। प्रश्नकाल के दौरान एक भी प्रश्न नहीं हो सका। इसके बाद शून्यकाल में भी सीमित चर्चा हुई और केवल विधायक मोहम्मद शहजाद ही अपना प्रश्न रख सके। कांग्रेस विधायक कथित भ्रष्टाचार के मामले में जवाब और चर्चा की मांग करते रहे।

दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के विधायकों ने चकराता में एक परिवार को कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला उठाया और जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

अनुपूरक बजट पारित, विपक्ष ने उठाए सवाल

लगातार हंगामे और विरोध के बीच सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। इसके साथ ही कुल 10 विधेयकों को भी मंजूरी दी गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्र की अवधि बेहद कम रखी और जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया।

अनुपूरक बजट पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इस तरह भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र कम समय में ही समाप्त हो गया और सदन के भीतर सरकार तथा विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिली।

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