रुड़की। हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने कई स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आई अनियमितताओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन में कमी पाए जाने पर ममता नर्सिंग होम, जनता क्लीनिक और शुक्ला क्लीनिक को सील कर दिया गया। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालकों में भी हड़कंप मच गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निजी स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं और पंजीकरण संबंधी नियमों की जांच के लिए रुड़की क्षेत्र में अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार के निर्देश पर टीम ने विभिन्न नर्सिंग होम और क्लीनिकों में पहुंचकर मौके की वास्तविक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान संस्थानों की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड, पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज और चिकित्सकों की उपलब्धता की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में विभाग को उपलब्ध कराई गई चिकित्सकों की सूची के अनुसार संबंधित चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं और संचालन से जुड़े निर्धारित मानकों की भी जांच की। जांच के बाद नियमों के अनुपालन में कमी पाए जाने पर टीम ने तीन संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की।
रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण कार्यालय के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रमेश कुंवर ने कहा कि पंजीकरण के आधार पर संचालित होने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित नियमों का पालन, चिकित्सकों की उपलब्धता और जरूरी मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग का निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालकों को अपने पंजीकरण, रिकॉर्ड, चिकित्सकों की उपलब्धता और संस्थान में निर्धारित व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में संचालित अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों का भी निरीक्षण किया जा सकता है। गुरुवार को हुई कार्रवाई के बाद निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। निरीक्षण टीम में डॉ. राव, सहायक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी अंशु तोमर और जूनियर असिस्टेंट सोहेल शामिल रहे।


