देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, ऊर्जा, कारागार, न्याय और भूमि से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में सबसे अहम फैसला एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का रहा। सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाले मासिक स्टाइपेंड को 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है।
इंटर्न डॉक्टर पिछले कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा निदेशक की ओर से दो दिन पहले ही इंटर्न डॉक्टरों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। हालांकि, इंटर्न डॉक्टरों की मांग स्टाइपेंड को 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की थी। फिलहाल सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया है।
कैबिनेट ने खेल क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसके अलावा खेल नीति-2021 के तहत विभिन्न विभागों में खिलाड़ियों के लिए कुल 283 पद आरक्षित करने को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग में खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। ऊर्जा विभाग और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को भी विधानसभा के पटल पर रखने की अनुमति दी गई है।
उत्तराखंड कारागार विभाग से जुड़े प्रस्ताव में विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में रखने को मंजूरी दी गई। वहीं, शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दी। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी।
खाद्य विभाग के तहत विधिक माप विज्ञान सेवा नियमावली में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) की पार्किंग में 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। हरिद्वार स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय की जमीन के निकट 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल को देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इससे अस्पताल से संबंधित सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा।
मंत्रिमंडल के फैसलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े प्रस्तावों को विशेष महत्व दिया गया। इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लंबे समय से चल रहे उनके आंदोलन को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। सरकार के फैसले के बाद अब इंटर्न डॉक्टरों की ओर से आगे की रणनीति तय की जाएगी।


