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आदि कैलाश यात्रा वर्षभर संचालित करने की तैयारी, धामी सरकार ने शुरू की पहल

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

पिथौरागढ़। उत्तराखंड सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए आदि कैलाश यात्रा को वर्षभर संचालित करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। हालांकि प्रतिकूल मौसम और आपात परिस्थितियों में यात्रा संचालन को आवश्यकतानुसार सीमित किया जाएगा।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने संबंधित विभागों को समन्वित एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आदि कैलाश यात्रा को अधिक सुलभ, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदि कैलाश यात्रा का संचालन कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ समन्वय बनाकर किया जाएगा, जिससे दोनों यात्राओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

प्रशासन ने सड़क संपर्क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, आवास, भोजन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी विभागों से विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार वर्षभर यात्रा संचालन से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे होटल, होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और आदि कैलाश यात्रा को वर्षभर संचालित करने की पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन विभाग के अनुसार अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जहां 17,408 पर्यटक आदि कैलाश पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,25,277 हो गई। वर्ष 2026 में अब तक 76,930 से अधिक पर्यटक क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं और वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा डेढ़ लाख के पार पहुंचने की संभावना है।

पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया आधार मिला है। क्षेत्र में 550 से अधिक होमस्टे स्थापित हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। साथ ही पर्यटकों के लिए आवास और आतिथ्य सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रशासन का मानना है कि यह पहल सीमांत क्षेत्र के समग्र विकास और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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