काशीपुर (उधम सिंह नगर)। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में अकीदत, उत्साह और धार्मिक श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश की खुशी में शहर में भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई। पूरे शहर का माहौल धार्मिक रंग में रंगा नजर आया और लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।
जुलूस में मक्का शरीफ और मदीना शरीफ की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न झांकियों के माध्यम से इस्लामी इतिहास, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने सलाम पढ़ते हुए देश और दुनिया में अमन, चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी।
जुलूस मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत शिविर लगाकर प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस दौरान फल, मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में शामिल बच्चे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे और पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल बना रहा।
शहर इमाम मुफ्ती फैजान मंजरी ने कहा कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को याद करने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने पूरी मानवता को इंसानियत, प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश दिया, जिसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने देश और दुनिया में स्थायी शांति और सौहार्द की दुआ भी की।
वहीं, आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि जुलूस के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था तथा पूरे आयोजन पर लगातार निगरानी रखी गई। प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देने वाला जुलूस-ए-मोहम्मदी काशीपुर में आकर्षण का केंद्र बना रहा और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला।


