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नशामुक्ति अभियान को गति देने के लिए शिक्षण संस्थानों में होंगी विशेष कार्यशालाएं

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और मादक पदार्थों के सेवन की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों में जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने की पहल की है। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनपद के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता के साथ ही विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि 18 अक्टूबर तक सभी विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत ई-शपथ दिलाई जाए तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप प्रत्येक शिक्षण संस्थान में एंटी ड्रग्स कैंपस कमेटी का गठन किया जाए। साथ ही कैंपस में अधिक से अधिक नशामुक्ति कार्यशालाएं आयोजित कर विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की प्रवृत्ति से बचाव, परामर्श एवं सहायता के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी भी विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स गतिविधियों को पाठ्यक्रम एवं नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा मानस हेल्पलाइन-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, सकारात्मक सोच और स्वस्थ भविष्य की नींव तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में नशामुक्त समाज के निर्माण में शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों से कार्यशालाओं को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। बैठक के दौरान प्राचार्यो ने अपने अपने सुझाव भी दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. दीपा मेहरा रावत, नोडल अधिकारी रंजना सैनी, सीआईएमएस ग्रुप के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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