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उत्तराखंड Weather Alert: 2 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट, पहाड़ी जिलों में भूस्खलन का खतरा

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून: उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के लिए 2 जुलाई तक का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए पहाड़ी जिलों में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं, मैदानी जिलों में तेज हवाओं, बिजली चमकने और बादलों की गर्जना की संभावना जताई गई है।

2 जुलाई तक पहाड़ों में बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार 29 जून से 2 जुलाई तक राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज से अति तेज बारिश हो सकती है। 29 जून को पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

30 जून को पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य पहाड़ी जिलों में भी तेज बारिश के दौर जारी रहेंगे। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केवल गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

जुलाई की शुरुआत भी बारिश के साथ

मौसम विभाग के मुताबिक 1 जुलाई को नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 2 जुलाई को नैनीताल, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और चमोली जिलों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

भूस्खलन और सड़क बाधित होने की चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 30 जून से 2 जुलाई के बीच संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसके चलते कई सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। विभाग ने लोगों को मौसम का ताजा अपडेट लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

बिजली गिरने और जलभराव का भी खतरा

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं से सावधान रहने की अपील की है। साथ ही तेज हवाओं से कच्चे और असुरक्षित मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

 

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