spot_img
spot_img

आर्मी सर्विस कोर व्हाइट वॉटर राफ्टिंग एक्सपीडिशन 2026 को देहरादून से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया

More articles

Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

आर्मी सर्विस कोर द्वारा साहस, दृढ़ता, दल भावना एवं सैन्य कौशल को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित श्वेत जल नौका अभियान–2026 का आज देहरादून से शुभारंभ किया गया। मेजर जनरल पी. के. तिवारी, एम.जी.ए.एस.सी., मध्य कमान ने 16 सदस्यीय अभियान दल को ध्वज दिखाकर रवाना किया।

यह अभियान 07 से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अभियान दल द्वारा रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक लगभग 145 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण नदी यात्रा पूरी की जाएगी। दल में 02 अधिकारी, 02 कनिष्ठ कमीशंड अधिकारी एवं 12 अन्य रैंक शामिल हैं।

आर्मी सर्विस कोर द्वारा इससे पूर्व श्वेत जल नौका अभियान वर्ष 2022 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में आयोजित किया गया था। इसके बाद विभिन्न इकाइयों में कार्मिकों की नियुक्तियों के कारण लगभग पाँच वर्षों तक इस प्रकार का अभियान आयोजित नहीं हो सका। इस गौरवपूर्ण परंपरा को पुनः प्रारंभ करने की पहल महानिदेशालय आपूर्ति एवं परिवहन द्वारा की गई तथा अभियान के आयोजन की जिम्मेदारी मध्य कमान को सौंपी गई। धरातल पर अभियान के संचालन का दायित्व 514 आर्मी सर्विस कोर बटालियन को दिया गया।

मध्य कमान एवं यू.बी. क्षेत्र के मार्गदर्शन में जुलाई एवं अगस्त 2026 के दौरान स्वयंसेवकों से आवेदन आमंत्रित किए गए। चयन प्रक्रिया के उपरांत आपूर्ति एवं परिवहन निदेशालय द्वारा 16 सदस्यीय दल का चयन किया गया। चयनित दल ने 21 सितंबर से 03 अक्टूबर 2026 तक ए.ए.एन.सी., रायवाला में मूलभूत श्वेत जल नौका प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठिन एवं गहन प्रशिक्षण के उपरांत दल के सभी सदस्य इस चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए तैयार हैं।

अभियान की वास्तविक नदी यात्रा 07 अक्टूबर 2026 को रुद्रप्रयाग से प्रारंभ होगी। प्रथम चरण में दल रुद्रप्रयाग से धारी देवी मंदिर, द्वितीय चरण में धारी देवी मंदिर से श्रीनगर, तृतीय चरण में श्रीनगर से देवप्रयाग, चतुर्थ चरण में देवप्रयाग से कौड़ियाला तथा अंतिम चरण में कौड़ियाला से ऋषिकेश तक यात्रा करेगा।

अभियान के दौरान दल अलकनंदा नदी की चुनौतीपूर्ण धाराओं को पार करते हुए देवप्रयाग पहुँचेगा, जहाँ अलकनंदा एवं भागीरथी नदियों का पवित्र संगम होता है। इसके पश्चात दल गंगा नदी की तीव्र धाराओं में प्रवेश करते हुए कौड़ियाला से ऋषिकेश तक अपनी यात्रा जारी रखेगा।

यह अभियान आर्मी सर्विस कोर की साहस, नेतृत्व, अनुशासन, दल भावना तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। साथ ही, यह सैन्यकर्मियों में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि तथा शारीरिक एवं मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।अभियान का समापन 11 अक्टूबर 2026 को ऋषिकेश में होगा।

-Advertisement-

-Advertisement-

-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
Download Appspot_img